सरकार चाहिए या सरकारी नौकरी आप ही सोचो

आज हमारे भारत देश के अंदर नोजवानों की ऐसी स्थिति हो गई है हम कह नहीं सकते की बेरोजगारी इतनी बढ़ गई है कि कुछ कहा जा नहीं सकता भारत की जनसंख्या में युवा का होना बहुत अच्छी बात है युवा में हुनर होना बहुत अच्छी बात है युवा में स्किल्स होना बहुत अच्छी बात है और युवा को एजुकेशन लेने के लिए जो मेहनत करनी पड़ती है वह भी बहुत अच्छी बात है

युवा को सरकारी नौकरी चाहिए और क्या करें पढ़ाई करने के बाद अगर उसको ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं मिलेगा ऐसा प्लेटफार्म नहीं मिलेगा ऐसा संगठन नहीं मिलेगा ऐसी सोच नहीं मिलेगी जो कि अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर बना सके अच्छा संगठन बना सके और एक देश के युवा को नौकरी दे सके 

 देश का युवा क्या करेगा सरकारी नौकरी के लिए फॉर्म अप्लाई करेगा जिसकी फीस होगी 400 ₹500 और लाखों युवाओं सरकारी नौकरी के लिए अप्लाई करेंगे सरकार की आमदनी बढ़ेगी और सरकार की आमदनी बढ़ेगी तो भैया नेताजी मजे लेंगे कुर्ता चमकदार पहनेंगे कार मर्सिडीज लेंगे और कोठी उनकी ऐसी होगी महल जैसी बढ़िया से बढ़िया पहरेदार होंगे
 यह सब देखेंगे तो क्या करेंगे तो राजनीति में जाएंगे और राजनीति में जाएंगे तो सारे युवा अगर राजनीति में जाएंगे तो फिर अर्थव्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से बढ़ाने वाले कौन होंगे
 इधर नौकरी नहीं मिलेगी पढ़ाई में पैसा चला जाएगा सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं दे पाएगी बीटेक एमटेक सीए बीएड नेट सेट मेट टेट सुपर टेट एमफिल पीएचडी एमबीए यह सब करने के बाद अगर युवा बेरोजगार हो जाए तो  जिम्मेदार कौन है जिम्मेदार कोई और नहीं है जिम्मेदार आप खुद हो क्योंकि आपकी बोट ने एक सरकार को बनाया और वह वोट से सरकार आप पर नियंत्रण कर रही है आपको एक ऐसा संगठनात्मक एक ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं दे पा रही है जिससे आपको नौकरी मिल सके अरे हम सरकारी नौकरी की बात नहीं कर रहे हम तो प्राइवेट नौकरी की बात कर रहे हैं सरकारी नौकरी पूरे देश में 2 से 3% हैं 
आज देश के अंदर जो छात्र विदेशों में पढ़ाई करते हैं वह कभी वापस नहीं आते जो छात्र इन्नोवेटेड हैं बहुत ज्यादा इनोवेशन में मन लगाकर काम करते हैं और उन्होंने बहुत सारी वस्तुओं का इन्नोवेटे किया है पर उनको सरकार सुविधा मुहैया नहीं करा पाती वहीं के वहीं रह जाते हैं और बहुत सारे कलाकार हैं इस देश के अंदर वह भी आगे नहीं बढ़ पाते क्यों क्या कारण है
देश के अंदर संसाधन की कमी नहीं है उन संसाधन पर करने वाले राजनेता इतने अनपढ़ बिठा रखे हैं कि वह उन संसाधनों का सही तरीका से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं हमारे देश के अंदर दो तरह के संसाधन हैं एक हमारे संसाधन जो प्रकृति में संसाधन मानव पूंजी वह भी संसाधन है और हमारे मुख्य रूप से जो निर्जीव संसाधन है वह तो संसाधन है यह जो मानव पूंजी है और एक ऐसे देश की मानव पूजी का अगर आप सही तरीका से अपने देश के लिए ऊपयोग ओर उनका लाभ ना ले पाओ तो लानत है इस देश के राजनेताओं पर 
आपकी जिंदगी खराब करने वाले राजनेता है युवाओं को सही तरीका से संसाधन न देने ओर उपयोग कराने वाले राजनेता है युवाओं को धर्म की राजनीति में बांटने वाले राजनेता है और युवाओं भविष्य बिगाड़ने वाले राजनेता है
 युवा साथियों जाग जाओ जाग जाओ अभी समय है आपने देखा होगा आपके माइंड वाश कर दिए गए हैं आप अपने सही तरीका से अपने लक्ष्य को अंजाम नहीं दे पा रहे हो और तो और आप हमेशा राजनीति में इंटरेस्ट ले रहे हो  सीखो बहुत अच्छी बात है पर लक्ष्य अपने सामने हो यह इससे बड़ी बात है सर आपके अंदर जज्बा हो रूतवा हो और आपके अंदर आपकी शक्ति हो आप केअंदर देशभक्ति हो तो देश की सेवा करने के लिए हम अपने लक्ष्य को अंजाम दें हम अपने लक्ष्य को अंजाम दें खुद कुछ अच्छा बने और अपने अंदर इतना ज्ञान ले और देश की सेवा करें इससे बड़ी कोई भक्ति नहीं है 
 इस देश को बनाने के लिए हमें खुद संसाधन उपयोग लाने होंगे और हम खुद का अपना कोई न कोई कर्म या जॉब कैसे भी करके इस देश की सेवा करनी होगी और तो और हम इस देश को मजबूती तरीके से आगे बढ़ाएge जय हिंद
 भारत माता की जय

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