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भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकार

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भाग 3 मौलिक अधिकार अनुच्छेद(12 से 35)  समानता का अधिकार  स्वतंत्रता का अधिकार (विचारों की अभिव्यक्ति)  शोषण से रक्षा का अधिकार   धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार  संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार   संवैधानिक उपचारों का अधिकार ऐतिहासिक विकास सन 1858 ई. में विक्टोरिया घोषणा पत्र में ब्रिटिश द्वारा घोषित भारतीय नागरिकों को भारत में मूल अधिकार लागू करने का प्रस्ताव पास हुआ। उसके बाद प्रथम अधिकारिक मांग सन 1925 ई. में कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिया बिल में एनी बेसेंट ने मूल अधिकारों की मांग रखी थी । सन 1928  ई.  में नेहरू रिपोर्ट यानी कि मोतीलाल नेहरू की रिपोर्ट में 19 मूल अधिकारों का वर्णन किया गया था जिनमें से 10 मूल अधिकारों को भारतीय संविधान में शामिल कर लिया गया।  सन 1931 ईस्वी में कराची अधिवेशन जिसकी अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल ने की थी इसमें कांग्रेस के घोषणा पत्र में मूल अधिकारों की मांग की मूल अधिकारों का प्रारूप जवाहरलाल नेहरू ने तैयार किया था। मौलिक अधिकार हमारे संविधान के भाग 3 में मूल अधिकार के नाम से जाने जाते हैं और अनुच्छेद 12 से लेकर अनुच्छेद 35 हमारे संविध

क्या दुनिया अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार को मान्यता देगी

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 20 साल से तालिबानियों के द्वारा अफगानिस्तान की जनता का शोषण पिछले 20 साल से तालिबानियों के द्वारा अफगानिस्तान की जनता का शोषण हो रहा है वहा के लोगों के मानव अधिकारों का हनन हो रहा है तालिबानियों के द्वारा वहां की महिलाओं को बेदर्दी से पीटा जाता है पत्रकारों को पीटा जाता है वहां पत्रकारों के पीछे तालिबानी सैनिक खड़े होते हैं पत्रकारों पर तालिबानियों का बहुत बड़ा दबाव है वहां की आवाम की आवाज बाहर तक नहीं जा पा रही है  दुनिया चुप क्यों है क्या तालिबान बहुत बड़ा आतंकवादी संगठन है  दुनिया चुप क्यों है क्या तालिबान बहुत बड़ा आतंकवादी संगठन है क्या दुनिया तालेबान से नहीं लड़ सकती क्या ऐसे ही आतंकवादी संगठन हर देश पर कब्जा करके सरकार बनाते रहेंगे हर देश को आगे आकर जवाब देना होगा बोलना होगा पड़ोसी देशों को बोलना होगा अगर पड़ोसी के घर में आग लगती है और उसके घर में लगी आग की लपट दूसरे घर में भी जाति है Ghar matlab Desh सवाल यह है कि तालिबानी संगठन बना कैसे को ट्रेनिंग कहां से दी गई उनको हथियार किसने दिए उनको रहने के लिए शर्ट जगह किसने दी उनको छिपने के लिए जगह

रामबाण औषधि गाजर आयुर्वेद में काफी प्रशंसा की गई है

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गाजर सर्दियों में बहुतायत से आने वाला फल है इसे पोस्टिक से भरपूर जड़ कहा जाता है गाजर की आयुर्वेद में प्रशंसा की गई है आयुर्वेद के अनुसार, गाजर शरीर के दूषित रक्त को साफ करती है अनावश्यक गर्मी को शांत करती है पाचन तंत्र अधिक सक्रियता से कार्य करता है पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और बहुत सारे पोस्टिक तत्व पाए जाते है इसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लोह तत्व विटामिन ए विटामिन डी खनिज लवण और कैल्शियम जैसे तत्व पाए जाते हैं। गाजर आंखों की रोशनी के लिए रामबाण औषधि गाजर में विटामिन ए की भरपूर उपस्थिति नेत्र रोगों को दूर करती है गाजर के सेवन से आंखों की रोशनी बढ़ती है जो लोग नियमित रूप से गाजर खाते हैं उन्हें कभी भी रतौंधी रोग का सामना नहीं करना पड़ता इसके साथ साथ रक्त कणों में वृद्धि रक्त शुद्धि तथा शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बनाए रखती है क्योंकि इसमें लोह तत्व का महत्वपूर्ण योगदान रहता है गाजर के अंदर आयरन व फास्फोरस tatva पाया जाता है।    गाजर का सेवन से अस्थियों और दांतों को मजबूती देना गाजर के सेवन से अस्थियों और दांतो को मजबूती मिलती है इसमें कार

सरकार चाहिए या सरकारी नौकरी आप ही सोचो

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आज हमारे भारत देश के अंदर नोजवानों की ऐसी स्थिति हो गई है हम कह नहीं सकते की बेरोजगारी इतनी बढ़ गई है कि कुछ कहा जा नहीं सकता भारत की जनसंख्या में युवा का होना बहुत अच्छी बात है युवा में हुनर होना बहुत अच्छी बात है युवा में स्किल्स होना बहुत अच्छी बात है और युवा को एजुकेशन लेने के लिए जो मेहनत करनी पड़ती है वह भी बहुत अच्छी बात है युवा को सरकारी नौकरी चाहिए और क्या करें पढ़ाई करने के बाद अगर उसको ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं मिलेगा ऐसा प्लेटफार्म नहीं मिलेगा ऐसा संगठन नहीं मिलेगा ऐसी सोच नहीं मिलेगी जो कि अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर बना सके अच्छा संगठन बना सके और एक देश के युवा को नौकरी दे सके   देश का युवा क्या करेगा सरकारी नौकरी के लिए फॉर्म अप्लाई करेगा जिसकी फीस होगी 400 ₹500 और लाखों युवाओं सरकारी नौकरी के लिए अप्लाई करेंगे सरकार की आमदनी बढ़ेगी और सरकार की आमदनी बढ़ेगी तो भैया नेताजी मजे लेंगे कुर्ता चमकदार पहनेंगे कार मर्सिडीज लेंगे और कोठी उनकी ऐसी होगी महल जैसी बढ़िया से बढ़िया पहरेदार होंगे  यह सब देखेंगे तो क्या करेंगे तो राजनीति में जाए

परमात्मा के द्वारा एक पहली कोशिश मानव को बदलने की

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 2 साल पहले हम जैसा जीवन जी रहे थे। वो अच्छा था काफी अच्छा था। फिर एक ऐसी महामारी आई जिसने दुनिया की सूरत बदल दी, दुनिया के तौर तरीके बदल दिए,  दुनिया की तहजीब बदल दी और दुनिया के अभिवादन करने के तरीके बदल दिए।   ये सब किसने किया आप सब लोग जानते ही होंगे और सब जानते हैं, यह सब किया, एक कोरोना वायरस ने, जिसका नाम कोविड-19 है।  इस संसार के अंदर हर देश हर प्राणी जो ह्यूमन है, आगे बढ़ना चाहता है जैसे की घोड़ों की रेस हो रही हो उस रेस में सब को भाग लेना है और सब आगे निकलना चाहते हैं सब एक दूसरे से आगे निकलना चाहते हैं आगे निकलना चाहते हैं और तो और निकलने के जो नियम है उस नियम का पालन किए बगैर किसी को दबाकर किसी को लात मारकर किसी को उठापटक कर आगे बढ़ना चाहते हैं। संसार में क्या हो रहा है यही तो हो रहा है हर देश एक दूसरे को नीचा दिखा रहा है हर देश एक दूसरे देश पर बहुत सारे लगाम लगा रहे हैं भाईचारा को खत्म कर रहे हैं आतंकवाद इतना उपज रहा है की मानो कि हम इस दुनिया के है ही नहीं एक आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और एक उस को खत्म करने की कोशिश कर रहा है। ऐक दूसरे देश को हथिय

What is the biggest irony in life? by a very good story.

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A farmer was working in his field.  Suddenly he saw a scuffle.  In that scoop, he found an egg of eagle.  He saw that a female hawk egg had accidentally flown away leaving the same place https://amzn.to/2IDVasc  The farmer carefully picked that egg and laid it behind his house with the eggs of the rest of the chickens.  After a while, the chickens came out of the eggs of the chickens, and a small hawk came out of the eagle's eggs.  That hawk also grew up seeing a hen like a hen's children.  The eagle would just eat chickens like a rash, roam the ground just with the chickens, walk in a straight line, be the most fearful, and walk silently down and in front of the ground.  Having been with chickens since childhood, the eagle thought that he too was a chicken.  That hawk went through his entire life.  One day when that hawk became old, he finally dared to look up at the sky.  When he looked up, he saw an eagle soaring high in the sky.  The old hawk became frus

What is the UNESCO and its functions?

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UNESCO (FULL FORM -United Nations Educational Scientific and Cultural Organization ) UNESCO -193 member states and 11 associate member Headquarter- Paris, France https://amzn.to/2T2GzIK UNESCO is the United Nations Educational Scientific and Cultural Organization and it is a  specialized agency of the United Nations (UN) It has 193 member states and 11 associates member It  was established after the second world war, on 16th  Nov 1945 and its formation date is on  4th Nov 1946 There were 37 member states,  during the formation of this organization and now 193 members and 11 associate states member and USA and Israel is not UNESCO member they left in 2018 UNESCO is responsible for coordinating international cooperation in education,  science, culture and communications and encouraging peace and security in the world. Five Primary arias of UNESCO                                                       Local people  youth  small islands  developing countr

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